फीस, पंजीकरण और पूरी जानकारी कम्युनिटी में मिलेगी। सीमित 30 सीटें।

गुरुजी के साथ प्रत्यक्ष बैठकर, अभ्यास के साथ — किताबी जानकारी नहीं, हाथों से सीखने का अनुभव।
नाड़ी परीक्षण की पद्धति — वात, पित्त, कफ की पहचान और प्रत्यक्ष अभ्यास।
कान के ऊर्जा-बिंदुओं का विज्ञान और उन्हें खोजने व प्रयोग करने का अभ्यास।
रोज़ की साधना की सरल, नियमित दिनचर्या — प्रकृति के सान्निध्य में।
कार्यशाला पूर्ण करने पर जीवन संजीवनी फाउंडेशन का प्रमाणपत्र।
कार्यशाला के बाद भी गुरुजी और साधकों का समूह — प्रश्न पूछने और अभ्यास जारी रखने के लिए।
तीन दिन साथ रहना, सात्त्विक भोजन, अनुशासन और साधना।
लोनावला कार्यशाला के वास्तविक पल — गुरुजी के साथ सीखते साधक।







प्रकृति की गोद में, आरामदायक आवास और विशाल सभागृह।






नाड़ी परीक्षण और कर्णबिंदु चिकित्सा का पारंपरिक ज्ञान सरल भाषा में, अभ्यास के साथ सिखाने वाले नाड़ी साधक।
पिछली आवासीय कार्यशाला के साधक क्या कहते हैं, उन्हीं के शब्दों में।
कार्यशाला की फीस, पंजीकरण की प्रक्रिया, तैयारी और ताज़ा जानकारी WhatsApp कम्युनिटी में दी जाएगी। पहले कम्युनिटी से जुड़ें — सीटें सीमित (30) हैं।
📲 WhatsApp कम्युनिटी से जुड़ेंजी हाँ। कार्यशाला शून्य से शुरू होती है। स्वास्थ्य और आयुर्वेद में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है।
यह आवासीय कार्यशाला है — लोनावला में रहने और सात्त्विक भोजन की व्यवस्था की गई है। 2 रातें, 3 दिन।
जी हाँ, कार्यशाला पूर्ण करने पर जीवन संजीवनी फाउंडेशन का प्रमाणपत्र दिया जाता है।
फीस, पंजीकरण और सभी विवरण WhatsApp कम्युनिटी में दिए जाएँगे। पहले कम्युनिटी से जुड़ें।